इंडियंस का दिल जीत लेती हैं अफगानिस्तान की ये टेस्टी डिशेज, फिदा रहते हैं फूड लवर्स

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काबुली पुलाव को अफगानिस्तान का नेशनल डिश कहा जाता है और यह हर फेस्टिवल या खास मौके की शान होता है. इसे बासमती चावल, नर्म मटन, गाजर, किशमिश और बादाम के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है. इसका टेस्ट थोड़ा मीठा और थोड़ा नमकीन होता है, जो इसे बेहद खास बनाता है. अफगान घरों में मेहमानों को काबुली पुलाव परोसना मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है. भारत में भी यह डिश अब कई अफगान रेस्टोरेंट्स में ट्रेंड कर रही है.

काबुली पुलाव को अफगानिस्तान का नेशनल डिश कहा जाता है और यह हर फेस्टिवल या खास मौके की शान होता है. इसे बासमती चावल, नर्म मटन, गाजर, किशमिश और बादाम के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है. इसका टेस्ट थोड़ा मीठा और थोड़ा नमकीन होता है, जो इसे बेहद खास बनाता है. अफगान घरों में मेहमानों को काबुली पुलाव परोसना मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है. भारत में भी यह डिश अब कई अफगान रेस्टोरेंट्स में ट्रेंड कर रही है.

अगर आप मोमोज या डंपलिंग्स पसंद करते हैं, तो अफगान मंटू आपको जरूर पसंद आएगा. इसे पतले आटे की परत में कीमा, प्याज और मसालों की फिलिंग भरकर स्टीम किया जाता है. ऊपर से दही और चने की ग्रेवी डालकर इसे परोसा जाता है. इसका स्वाद हल्का, क्रीमी और बेहद सॉफ्ट होता है.अफगानिस्तान में यह डिश खास मौकों पर बनाई जाती है और भारत में यह धीरे-धीरे अफगान मोमोज के नाम से फेमस हो रही है.

अगर आप मोमोज या डंपलिंग्स पसंद करते हैं, तो अफगान मंटू आपको जरूर पसंद आएगा. इसे पतले आटे की परत में कीमा, प्याज और मसालों की फिलिंग भरकर स्टीम किया जाता है. ऊपर से दही और चने की ग्रेवी डालकर इसे परोसा जाता है. इसका स्वाद हल्का, क्रीमी और बेहद सॉफ्ट होता है.अफगानिस्तान में यह डिश खास मौकों पर बनाई जाती है और भारत में यह धीरे-धीरे अफगान मोमोज के नाम से फेमस हो रही है.

हम सभी भारतीय जलेबी के दीवाने हैं, लेकिन अफगान जलेबी का टेस्ट कुछ अलग ही होता है. यह जलेबी थोड़ी मोटी और ज्यादा कुरकुरी होती है, जिसके अंदर हल्की सी चाशनी भरी होती है. इसे दही और आटे के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है और फिर घी में डीप फ्राई किया जाता है. साथ ही ऊपर से शुगर सिरप डालकर सजाई जाती है.

हम सभी भारतीय जलेबी के दीवाने हैं, लेकिन अफगान जलेबी का टेस्ट कुछ अलग ही होता है. यह जलेबी थोड़ी मोटी और ज्यादा कुरकुरी होती है, जिसके अंदर हल्की सी चाशनी भरी होती है. इसे दही और आटे के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है और फिर घी में डीप फ्राई किया जाता है. साथ ही ऊपर से शुगर सिरप डालकर सजाई जाती है.

बोलानी एक स्टफ्ड अफगान ब्रेड है, जिसमें आलू, हरा प्याज, मसूर या कद्दू की फिलिंग भरी जाती है. इसे हल्के तेल में तवे पर कुरकुरा बनाया जाता है. देखने में यह हमारे भारतीय पराठे जैसी लगती है, लेकिन टेस्ट में हल्की और ज्यादा फ्लेवरफुल होती है. इसे आमतौर पर दही या पुदीना चटनी के साथ खाया जाता है. अफगानिस्तान में यह बहुत पॉपुलर स्ट्रीट फूड है  और भारत में भी अब यह फिटनेस-फ्रेंडली स्नैक के रूप में पसंद की जा रही है.

बोलानी एक स्टफ्ड अफगान ब्रेड है, जिसमें आलू, हरा प्याज, मसूर या कद्दू की फिलिंग भरी जाती है. इसे हल्के तेल में तवे पर कुरकुरा बनाया जाता है. देखने में यह हमारे भारतीय पराठे जैसी लगती है, लेकिन टेस्ट में हल्की और ज्यादा फ्लेवरफुल होती है. इसे आमतौर पर दही या पुदीना चटनी के साथ खाया जाता है. अफगानिस्तान में यह बहुत पॉपुलर स्ट्रीट फूड है और भारत में भी अब यह फिटनेस-फ्रेंडली स्नैक के रूप में पसंद की जा रही है.

शोर्बा एक हल्का लेकिन हेल्दी अफगान सूप है जिसे ठंडी शामों में पीना बहुत सुखद लगता है. इसे मटन या चिकन, टमाटर और खास अफगान मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है. यह शरीर को गर्म रखता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है. अफगान परिवारों में इसे स्टार्टर या हल्के डिनर के रूप में परोसा जाता है. अगर आप सूप लवर हैं, तो शोर्बा आपके लिए परफेक्ट डिश है.

शोर्बा एक हल्का लेकिन हेल्दी अफगान सूप है जिसे ठंडी शामों में पीना बहुत सुखद लगता है. इसे मटन या चिकन, टमाटर और खास अफगान मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है. यह शरीर को गर्म रखता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है. अफगान परिवारों में इसे स्टार्टर या हल्के डिनर के रूप में परोसा जाता है. अगर आप सूप लवर हैं, तो शोर्बा आपके लिए परफेक्ट डिश है.

गोश-ए-फिल अफगानिस्तान की एक खास मिठाई है. इसे आटा, दूध, अंडा और चीनी मिलाकर तैयार किया जाता है, फिर इसे हल्का डीप फ्राई किया जाता है. ऊपर से इलायची पाउडर, पिस्ता और आइसिंग शुगर डालकर सजाया जाता है. चाय के साथ खाई जाने वाली यह कुरकुरी मिठाई हर मीठा पसंद करने वाले का दिल जीत लेती है.

गोश-ए-फिल अफगानिस्तान की एक खास मिठाई है. इसे आटा, दूध, अंडा और चीनी मिलाकर तैयार किया जाता है, फिर इसे हल्का डीप फ्राई किया जाता है. ऊपर से इलायची पाउडर, पिस्ता और आइसिंग शुगर डालकर सजाया जाता है. चाय के साथ खाई जाने वाली यह कुरकुरी मिठाई हर मीठा पसंद करने वाले का दिल जीत लेती है.

साज्जी कबाब अफगानिस्तान की एक ट्रेडिशनल नॉन-वेज डिश है, जिसमें पूरे मेमने या चिकन को सिर्फ नमक में मैरिनेट कर के भूना जाता है. धीमी आंच पर रोस्ट होने से इसका फ्लेवर गहराई तक जाता है. इसे आमतौर पर चावल या अफगान ब्रेड काक के साथ परोसा जाता है. इसका सिंपल टेस्ट इसे एक प्रीमियम डिश बनाता है. भारत में भी कई फूड फेस्टिवल्स में साज्जी कबाब खूब पसंद किया जा रहा है.

साज्जी कबाब अफगानिस्तान की एक ट्रेडिशनल नॉन-वेज डिश है, जिसमें पूरे मेमने या चिकन को सिर्फ नमक में मैरिनेट कर के भूना जाता है. धीमी आंच पर रोस्ट होने से इसका फ्लेवर गहराई तक जाता है. इसे आमतौर पर चावल या अफगान ब्रेड काक के साथ परोसा जाता है. इसका सिंपल टेस्ट इसे एक प्रीमियम डिश बनाता है. भारत में भी कई फूड फेस्टिवल्स में साज्जी कबाब खूब पसंद किया जा रहा है.

Published at : 07 Nov 2025 08:10 AM (IST)

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