क्या वाकई ठंड भगाती है शराब, जान लें क्या है हकीकत?

Spread the love


दरअसल एक्सपर्ट्स की मानें तो शराब शरीर को असली गर्मी नहीं देती, बल्कि इसे ठंड के प्रति और ज्यादा संवेदनशील बना देती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार शराब पीने से शरीर में ब्लड वेसल्स फैल जाती है और स्किन की सतह पर ब्लड फ्लो बढ़ जाता है. इससे कुछ देर के लिए गर्मी का एहसास होता है, लेकिन असल में शरीर का कोर टेंपरेचर घटने लगता है.

दरअसल एक्सपर्ट्स की मानें तो शराब शरीर को असली गर्मी नहीं देती, बल्कि इसे ठंड के प्रति और ज्यादा संवेदनशील बना देती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार शराब पीने से शरीर में ब्लड वेसल्स फैल जाती है और स्किन की सतह पर ब्लड फ्लो बढ़ जाता है. इससे कुछ देर के लिए गर्मी का एहसास होता है, लेकिन असल में शरीर का कोर टेंपरेचर घटने लगता है.

कुछ एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि ठंड में शराब पीना खतरनाक हो सकता है. असल में अल्कोहल ठंडे मौसम में शरीर के तापमान को और तेजी से घटा देती है यानी ठंड में व्हिस्की या रम पीकर बाहर निकलना बहुत खतरनाक हो सकता है.

कुछ एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि ठंड में शराब पीना खतरनाक हो सकता है. असल में अल्कोहल ठंडे मौसम में शरीर के तापमान को और तेजी से घटा देती है यानी ठंड में व्हिस्की या रम पीकर बाहर निकलना बहुत खतरनाक हो सकता है.

जब शरीर का तापमान 35 डिग्री से नीचे चला जाता है तो इससे हाइपोथर्मिया कहा जाता है. वहीं यह कंडीशन केवल जानलेवा हो सकती है. शराब पीने से शरीर की गर्मी स्किन की सतह पर आ जाती है और कोर अंगों यानी हार्ट, लंग्स, और ब्रेन तक गर्मी नहीं पहुंच पाती है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है.

जब शरीर का तापमान 35 डिग्री से नीचे चला जाता है तो इससे हाइपोथर्मिया कहा जाता है. वहीं यह कंडीशन केवल जानलेवा हो सकती है. शराब पीने से शरीर की गर्मी स्किन की सतह पर आ जाती है और कोर अंगों यानी हार्ट, लंग्स, और ब्रेन तक गर्मी नहीं पहुंच पाती है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है.

वहीं एक्सपर्ट्स के अनुसार शराब शरीर की प्राकृतिक कंपकंपी प्रतिक्रिया को दबा देता है जो शरीर को ठंड में नेचुरल रूप से गर्म रखने का तरीका होता है. इससे शरीर ठंड के प्रति और कमजोर हो जाता है.

वहीं एक्सपर्ट्स के अनुसार शराब शरीर की प्राकृतिक कंपकंपी प्रतिक्रिया को दबा देता है जो शरीर को ठंड में नेचुरल रूप से गर्म रखने का तरीका होता है. इससे शरीर ठंड के प्रति और कमजोर हो जाता है.

शराब डाइयूरेटिक होती है यानी इसे पीने से बार-बार पेशाब लगती है. ठंड में वैसे भी पानी कम पिया जाता है, ऐसे में ठंड में बार-बार पेशाब जाने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. इससे तापमान कंट्रोल करने की क्षमता घटती है और ठंड ज्यादा लगने लगती है.

शराब डाइयूरेटिक होती है यानी इसे पीने से बार-बार पेशाब लगती है. ठंड में वैसे भी पानी कम पिया जाता है, ऐसे में ठंड में बार-बार पेशाब जाने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. इससे तापमान कंट्रोल करने की क्षमता घटती है और ठंड ज्यादा लगने लगती है.

इसके अलावा शराब हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित करती है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से दिल की समस्या होती है.

इसके अलावा शराब हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित करती है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से दिल की समस्या होती है.

शराब पीने के बाद व्यक्ति को ठंड कम लगती है, जिससे वह बिना जैकेट या कोट के बाहर निकल जाता है. वहीं यही वजह शरीर के तापमान को अचानक गिरा देती है जो जानलेवा भी साबित हो सकता है.

शराब पीने के बाद व्यक्ति को ठंड कम लगती है, जिससे वह बिना जैकेट या कोट के बाहर निकल जाता है. वहीं यही वजह शरीर के तापमान को अचानक गिरा देती है जो जानलेवा भी साबित हो सकता है.

एक्सपर्ट्स के अनुसार ठंड से बचने का सबसे अच्छा तरीका गर्म कपड़े पहनना, सूप या चाय जैसी गर्म चीजें पीना और हाइड्रेट रहना है. एक्सपर्ट्स के अनुसार शराब अस्थायी गर्माहट देती है, लेकिन यह ठंड भगाने का स्थायी या सुरक्षित उपाय नहीं होती है.

एक्सपर्ट्स के अनुसार ठंड से बचने का सबसे अच्छा तरीका गर्म कपड़े पहनना, सूप या चाय जैसी गर्म चीजें पीना और हाइड्रेट रहना है. एक्सपर्ट्स के अनुसार शराब अस्थायी गर्माहट देती है, लेकिन यह ठंड भगाने का स्थायी या सुरक्षित उपाय नहीं होती है.

Published at : 08 Nov 2025 09:03 AM (IST)

लाइफस्टाइल फोटो गैलरी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *