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महराजगंज जिले के 17 वर्षीय युवा कोच ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. छह महीने की ट्रेनिंग में उनकी टीम ने आठ गोल्ड मेडल जीतकर रिकॉर्ड बनाया. कोच ने खुद 220 किलोग्राम वजन उठाकर उदाहरण पेश किया और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया. उनकी मेहनत, नई सोच और बेहतर प्रशिक्षण से यह सफलता मिली, जो जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.
महराजगंज. उत्तर प्रदेश के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित महराजगंज जिले के एक युवा कोच ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से एक गज़ब का कारनामा कर दिखाया है. यह युवा सिर्फ 17 साल का है और उसकी चारों तरफ चर्चा हो रही है. जिले के सिसवा के रहने वाले आशीषित पाल सिंह एक खेल प्रतिभा हैं, जिन्होंने बीते दिनों पहली बार कोच के रूप में अपनी क्षमता दिखाई. इतनी कम उम्र में कोच के रूप में जिम्मेदारी संभालना उनके लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने इसे कमजोरी नहीं बल्कि एक बड़े अवसर के रूप में लिया. आशीषित ने खुद और अपनी टीम के एक-एक खिलाड़ी के अनुशासन और जुनून पर मेहनत की और अपनी पूरी टीम को गोल्ड मेडल दिलाकर पहचान दिलाई. महराजगंज जिले के सिसवा के इस कोच ने सिर्फ 6 महीने के प्रशिक्षण में अपनी टीम को यह बड़ी उपलब्धि दिलाई है.
पूरी टीम ने हासिल किए 8 गोल्ड मेडल
आशीषित पाल सिंह ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि वह एक वेट लिफ्टिंग में खेल प्रतिभा हैं और इस बार उन्होंने कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने यह भी बताया कि हमारे क्षेत्र से पहले केवल पुरुष खिलाड़ी ही प्रतियोगिताओं में जाते थे, लेकिन उन्होंने अपनी टीम में तीन महिला खिलाड़ियों को भी शामिल किया और पूरी टीम को इस तरह प्रशिक्षित किया कि सभी खिलाड़ियों ने गोल्ड मेडल हासिल किए. खास बात यह है कि सिर्फ एक खेल में ही नहीं बल्कि अलग-अलग खेलों में इन सभी खिलाड़ियों ने नेशनल स्तर पर आगरा में हुए चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल किए. उन्होंने कहा, “एक कोच के रूप में यह मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है. बढ़िया प्रशिक्षण और मेहनत का यह परिणाम रहा कि हमारी पूरी टीम ने पूरे प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ गोल्ड मेडल अपने नाम किए. यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है, बल्कि खेल जगत में एक बड़े रिकॉर्ड के रूप में भी दर्ज हो गई है.
खुद भी 220 किलोग्राम वजन उठाकर जीते गोल्ड मेडल
आशीषित पाल सिंह बताते हैं कि उनका पारिवारिक पृष्ठभूमि डॉक्टरों की रही है, उनके दादाजी और पिताजी भी डॉक्टर थे. एक डॉक्टर परिवार से होने के बावजूद, उनके परिवार ने हमेशा उनका खेल के क्षेत्र में समर्थन किया और इसका सकारात्मक परिणाम यह हुआ कि उन्हें सफलता मिली. ध्यान देने वाली बात यह है कि उनकी मेहनत केवल अपनी टीम को प्रशिक्षित करने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने खुद खेल के मैदान में उतरकर गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने 220 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, आशीषित पाल सिंह ने पहले भी राज्य स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन किया है और इससे पहले भी वह स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं.
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Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें















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