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Shadi Nahi Karne Ke Fayde : आजकल हम अक्सर सुनते हैं कि “भाई, सिंगल रहना ही बेस्ट है!” लेकिन क्या यह सिर्फ कहने की बात है या वाकई लोग अब अकेले रहने में ज्यादा खुशी ढूंढ रहे हैं? हालिया सामाजिक सर्वेक्षणों और मनोवैज्ञानिकों की मानें, तो रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर लोगों का नजरिया तेजी से बदल रहा है।यहाँ वे 9 बड़े कारण हैं जो बताते हैं कि आखिर क्यों आज की पीढ़ी ‘मिंगल’ होने के बजाय ‘सिंगल’ रहना चुन रही है:

Why People Stay Single : आज की इस फास्ट-फॉरवर्ड दुनिया में रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर नजरिया पूरी तरह बदल चुका है. एक समय था जब 25 की उम्र पार करते ही लोग सवाल पूछने लगते थे कि “शादी कब है?” लेकिन आज की पीढ़ी ‘मिंगल’ होने के बजाय ‘सिंगल’ रहने को एक पावरफुल चॉइस मान रही है. लोग अब इसे मजबूरी नहीं, बल्कि एक लग्जरी समझने लगे हैं. लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि ‘अकेलापन’ अब ‘आजादी’ लगने लगा है? आइए विस्तार से उन 9 कारणों को समझते हैं जो आज के युवाओं की सोच को दर्शाते हैं:

अपनी शर्तों पर जिंदगी- मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, सिंगल रहने का सबसे बड़ा आकर्षण ‘पर्सनल फ्रीडम’ है. आज के लोग अपनी मर्जी के मालिक होना चाहते हैं. सुबह कितनी बजे उठना है, वीकेंड पर क्या खाना है और रात को किस समय घर आना है—इन छोटे-छोटे फैसलों के लिए किसी को जवाब न देना एक जबरदस्त मानसिक सुकून देता है. यह आजादी उन्हें खुद को ज्यादा बेहतर तरीके से समझने का मौका देती है.

लक्ष्य पहले, रिश्ता बाद में- बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कॉर्पोरेट जगत के दबाव के कारण युवा अब अपने करियर को लेकर बहुत गंभीर हैं. शोध बताते हैं कि कई लोग अपनी ऊर्जा को रिश्तों के भावनात्मक उतार-चढ़ाव में खर्च करने के बजाय प्रोफेशनल ग्रोथ में लगाना बेहतर समझते हैं. उनके लिए अपनी पहचान बनाना और आर्थिक रूप से मजबूत होना किसी भी रिश्ते से ज्यादा जरूरी हो गया है.
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पैसों पर सिर्फ अपना हक- आर्थिक स्वतंत्रता ने रिश्तों के समीकरण बदल दिए हैं. खासकर महिलाओं में यह बड़ा बदलाव देखा गया है; अब शादी या पार्टनर सुरक्षा का एकमात्र जरिया नहीं रहे. लोग अपनी मेहनत की कमाई का आनंद अकेले लेना चाहते हैं. वे अपनी पसंद के हिसाब से निवेश करना या महंगे गैजेट्स और कपड़े खरीदना पसंद करते हैं, बिना इस चिंता के कि उनके पार्टनर की इस पर क्या राय होगी.

शांति अब प्राथमिकता- रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘टॉक्सिक’ रिश्तों या दर्दनाक ब्रेकअप के अनुभव लोगों को अंदर तक हिला देते हैं. ऐसे अनुभवों के बाद, लोग दोबारा उसी इमोशनल ड्रामे और तनाव में नहीं पड़ना चाहते. उनके लिए अब ‘शांति’ किसी भी रोमांटिक रिश्ते से ज्यादा कीमती हो गई है. वे ‘अकेले रहने’ को ‘दुखी होने’ से कहीं बेहतर विकल्प मानते हैं.

सेल्फ-लव और मेंटल हेल्थ का महत्व- आजकल लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बेहद जागरूक हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अब यह समझ चुके हैं कि खुशी अंदर से आती है, किसी दूसरे इंसान से नहीं. ‘सेल्फ-केयर’, मेडिटेशन और खुद के साथ समय बिताना अब एक कूल ट्रेंड बन चुका है. लोग अपनी मेंटल पीस के लिए सिंगल रहना पसंद कर रहे हैं.

ट्रेवल और एडवेंचर- सोलो ट्रैवलिंग का क्रेज आज चरम पर है. अकेले घूमना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अब एक लाइफस्टाइल बन चुका है. रिश्तों में अक्सर पार्टनर की पसंद-नापसंद और बजट का ख्याल रखना पड़ता है, लेकिन सिंगल लोग बिना किसी रोक-टोक के कभी भी बैग उठाकर कहीं भी निकल सकते हैं.

लाइफस्टाइल रहे ‘लाइट’- रिश्ता सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और ढेर सारी सामाजिक जिम्मेदारियों का जुड़ाव होता है. आज की पीढ़ी अपनी लाइफस्टाइल को ‘लाइट’ और तनावमुक्त रखना चाहती है. वे भारी-भरकम बंधनों और पारिवारिक अपेक्षाओं के बजाय अपनी मौज-मस्ती और व्यक्तिगत विकास को ज्यादा महत्व देते हैं. सिंगल रहना किसी रिश्ते के खिलाफ होना नहीं है, बल्कि यह खुद को सबसे ऊपर रखने की एक प्रक्रिया है. चाहे करियर हो, ट्रेवल हो या मानसिक शांति, लोग अब वह रास्ता चुन रहे हैं जो उन्हें सच में खुशी देता है.















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