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Dosa Pindi Recipe: डोसा का असली स्वाद बैटर की सही माप और तैयारी पर निर्भर करता है. 1 किलो चावल में 250 ग्राम उड़द दाल सबसे सही अनुपात माना जाता है. चावल और दाल को अलग अलग भिगोकर पीसना जरूरी है. फर्मेंटेशन पूरा होने के बाद ही नमक डालें. इन टिप्स से घर पर भी होटल स्टाइल क्रिस्पी डोसा बन सकता है.

Dosa Pindi Recipe: घर पर डोसा बनाना आसान लगता है, लेकिन वही होटल जैसा स्वाद और करारापन लाना हर बार संभव नहीं हो पाता. कभी डोसा ज्यादा नरम हो जाता है, तो कभी ठीक से फैलता नहीं है, और कभी रंग और स्वाद दोनों फीके लगते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह होती है डोसा बैटर की सही माप और सही तैयारी का तरीका. अगर बैटर ठीक तरीके से बना हो, तो डोसा अपने आप पतला, सुनहरा और कुरकुरा बनता है.

दरअसल डोसा का पूरा खेल चावल और उड़द दाल के अनुपात, भिगोने के समय, पीसने के तरीके और फर्मेंटेशन पर निर्भर करता है. अगर इन सभी स्टेप्स को सही तरह से फॉलो कर लिया जाए, तो घर पर भी होटल स्टाइल क्रिस्पी डोसा बनाना बिल्कुल आसान हो जाता है.

1 किलो चावल में कितनी उड़द दाल डालें: डोसा बैटर की सबसे अहम बात होती है सही अनुपात. अगर आप 1 किलो चावल ले रहे हैं, तो उसमें 250 ग्राम उड़द दाल डालना सबसे सही माना जाता है. यानी चार कप चावल के लिए एक कप उड़द दाल का अनुपात रखें. यह माप डोसा को न ज्यादा सख्त बनाता है और न ही ज्यादा नरम. इसी संतुलन से डोसा कुरकुरा भी बनता है और हल्का भी रहता है.
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इसके साथ अगर आप होटल जैसा रंग और करारापन चाहते हैं, तो बैटर में करीब 50 ग्राम पोहा और 1 टेबल स्पून मेथी दाना जरूर डालें. पोहा डोसा को क्रिस्पी बनाता है और मेथी दाना फर्मेंटेशन में मदद करता है, जिससे बैटर अच्छी तरह फूलता है.

चावल और दाल को अलग अलग भिगोना क्यों जरूरी है: अक्सर लोग चावल और उड़द दाल को एक साथ भिगो देते हैं, लेकिन यह एक बड़ी गलती है. चावल को हमेशा अलग और उड़द दाल को अलग भिगोना चाहिए. चावल को कम से कम 5 घंटे या फिर रातभर भिगोकर रखें. वहीं उड़द दाल और मेथी दाने को करीब 4 घंटे भिगोना काफी होता है. पोहा को पीसने से सिर्फ 30 मिनट पहले भिगोना चाहिए, ताकि वह नरम हो जाए.

भिगोने से पहले चावल और दाल को दो से तीन बार अच्छे से धोना भी बहुत जरूरी है. इससे उनमें लगी धूल और अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है और बैटर साफ और सफेद बनता है.

बैटर पीसने का सही तरीका: बैटर पीसते वक्त भी सही क्रम का ध्यान रखना चाहिए. सबसे पहले चावल और पोहा को साथ में पीसें और इसे ज्यादा बारीक न करें, हल्का सा दानेदार टेक्सचर ठीक रहता है. इसके बाद उड़द दाल और मेथी को अलग से पीसें और इसे मक्खन जैसा स्मूद बनाएं. अब दोनों बैटर को एक बड़े बर्तन में डालें और हाथ से अच्छी तरह मिलाएं. हाथ से मिलाने से बैटर में हवा जाती है, जिससे फर्मेंटेशन बेहतर होता है. बैटर बहुत पतला भी न हो और बहुत गाढ़ा भी नहीं, मध्यम कंसिस्टेंसी सबसे सही रहती है.

बैटर को फर्मेंट करने का सही समय: डोसा बैटर का फर्मेंटेशन मौसम पर निर्भर करता है. सर्दियों में बैटर को फुलने में 10 से 12 घंटे लग सकते हैं, जबकि गर्मियों में 7 से 8 घंटे में ही बैटर तैयार हो जाता है. बैटर फुलने के बाद ही उसमें नमक डालें. अगर पहले नमक डाल दिया जाए, तो बैटर ठीक से फर्मेंट नहीं होता.

बहुत से लोग बैटर को तुरंत फ्रिज में रख देते हैं, लेकिन ऐसा करने से फर्मेंटेशन रुक जाता है. बेहतर है कि बैटर को पहले कमरे के तापमान पर अच्छे से फुलने दें. अगर फ्रिज में रखा बैटर इस्तेमाल करना हो, तो डोसा बनाने से एक घंटा पहले बाहर निकाल लें.

डोसा बनाने से पहले ये टिप्स जरूर अपनाएं: डोसा बनाने से पहले तवा अच्छी तरह गर्म कर लें और उस पर थोड़ा पानी छिड़कें. फिर गीले कपड़े से पोंछकर हल्का सा तेल लगाएं. इससे बैटर तवे पर चिपकता नहीं है. अब एक करछी बैटर लें और तवे के बीच में डालकर गोल घुमाते हुए फैलाएं. धीमी आंच पर डोसा सेंकें, जिससे वह अच्छे से कुरकुरा बने.

फर्मेंटेड बैटर में कभी भी बेकिंग सोडा या इनो न डालें. सही तरीके से तैयार किया गया बैटर अपने आप परफेक्ट डोसा देता है.















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