Rocket Learning से गरीब बच्चों तक पहुंची शिक्षा, जानिए इसके बारे में सबकुछ

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रॉकेट लर्निंग (Rocket learning) से चंडीगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 15 हजार सरकारी स्कूल (15 thousand government schools) जुड़ चुके हैं. जिनमें 1 लाख से ज्यादा बच्चों पढ़ते है. इन बच्चों के लिए रॉकेट लर्निं…और पढ़ें

यूनिक स्टार्टअप : Rocket Learning से गरीब बच्चों तक पहुंची शिक्षा, जानें सबकुछ

रॉकेट लर्निंग स्टार्टअप कमजोर तबके के बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध करा रहा है. (सांकेतिक फोटो)

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के दौरान देश में कई स्टार्टअप शुरू हुए है. उन्हीं स्टार्टअप में से एक है Rocket Learning. यह स्टार्टअप डिजिटल माध्यम से गरीब बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का काम कर रहा है. इस स्टार्टअप की शुरुआत मार्च में लॉकडाउन के दौरान हुई थी. जब कोरोना महामारी की वजह से देश में सारे स्कूल बंद थे. ऐसे में Rocket Learning स्टार्टअप ने चंडीगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में एक लाख से ज्यादा बच्चों तक ई लर्निंग मैटेरियल पहुंचाया. आइये अब इस स्टार्टअप के बारे में जानते है सबकुछ..

Rocket Learning का फोकस कमजोर तबके पर

रॉकेट लर्निंग स्टार्टअप की शुरुआत कमजोर तबके को ध्यान में रख कर की गई है. इस स्टार्टअप के को-फाउंडर विशाल सुनील ने सीएनबीसी आवाज को बताया कि बच्चों के ब्रेन का 85 फीसदी विकास 3 से 8 साल की उम्र में हो जाता है. लेकिन संसाधनों की कमी से हर बच्चें तक शिक्षा नहीं पहुंच पाती. ऐसे में रॉकेट लर्निंग सरकारी स्कूल और शिक्षा की दिशा में काम करने वाली दूसरी संस्थाओं के साथ मिलकर टेक्नोलॉजी की मदद से छोटे शहर और पिछड़े गांव तक बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा फ्री में उपलब्ध करा रही हैं.





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