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Pre Marriage Communication Tips : शादी से पहले अक्सर कपल्स की बातचीत हनीमून, कपड़े, घूमने की प्लानिंग और “हमेशा खुश रहेंगे” जैसे वादों तक ही सीमित रह जाती है. उस समय सब कुछ परफेक्ट लगता है और कोई भी मुश्किल सवाल पूछना रिश्ते को बिगाड़ने जैसा महसूस होता है. लेकिन यही चुप्पी बाद में सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है. भारतीय शादियों में आज भी प्रैक्टिकल बातों पर खुलकर चर्चा करने से लोग कतराते हैं. नतीजा यह होता है कि शादी के कुछ महीनों बाद वही छोटी-छोटी बातें बड़े झगड़ों में बदल जाती हैं. अगर शादी से पहले ही सही सवाल पूछ लिए जाएं और ईमानदारी से जवाब दिए जाएं, तो आने वाली ज़िंदगी कहीं ज़्यादा आसान और मजबूत बन सकती है.

शादी से पहले एक्सपेक्टेशंस, आदतें, करियर, बच्चे और फैमिली बाउंड्रीज़ पर खुली बातचीत करना बेहद ज़रूरी है. यही ईमानदारी आगे चलकर रिश्ते को मजबूत और स्थिर बनाती है.

शादी से पहले बातचीत क्यों है सबसे ज़रूरी? शादी सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि दो अलग-अलग ज़िंदगियों का एक साथ चलना है. जब दो लोग बिना पूरी जानकारी के साथ चलने की कोशिश करते हैं, तो ठोकर लगना तय है. आज के समय में रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स भी यही मानते हैं कि शादी से पहले की गई ईमानदार बातचीत, शादी के बाद के झगड़ों को आधा कर सकती है.

एक्सपेक्टेशंस को लेकर साफ बातचीत करें “सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा” एक गलतफहमी है अक्सर कपल्स सोचते हैं कि शादी के बाद सब अपने आप समझ में आ जाएगा. लेकिन सच यह है कि बिना बात किए उम्मीदें बन जाती हैं. लड़की सोचती है कि शादी के बाद उसे पूरी आज़ादी मिलेगी, वहीं लड़का मान लेता है कि सब कुछ पहले जैसा ही चलेगा. यही सोच बाद में टकराव की वजह बनती है.
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आदतें – अच्छी भी और बुरी भी हर इंसान की कुछ आदतें होती हैं, जिन्हें बदला नहीं जा सकता. अगर कोई कभी-कभी शराब पीता है, देर रात तक काम करता है या दोस्तों के साथ पार्टी करना पसंद करता है, तो इन बातों को शादी से पहले साफ-साफ रखना ज़रूरी है. अक्सर परिवार भी सच्चाई छिपा लेते हैं, जो आगे चलकर रिश्ते में कड़वाहट भर देता है.

करियर और फ्यूचर प्लानिंग पर खुलकर बात करें आज के दौर में सिर्फ “कौन कमाएगा” से ज़्यादा ज़रूरी है कि “कौन क्या करना चाहता है”. क्या शादी के बाद दोनों काम करेंगे? क्या किसी एक को करियर ब्रेक चाहिए? इन सवालों पर बातचीत न होने से बाद में एक पार्टनर खुद को दबा हुआ महसूस करता है.

बच्चों को लेकर सोच पहले ही साझा करें बच्चे कब और कितने यह सवाल अक्सर शादी के बाद उठता है, जब दोनों की सोच अलग निकलती है. कई कपल्स देर से बच्चा चाहते हैं, कुछ बिल्कुल नहीं. अगर इस पर पहले बात न हो, तो रिश्ता तनाव से भर सकता है.

फैमिली बाउंड्रीज़ तय करना क्यों ज़रूरी है? भारतीय शादियों में परिवार एक बड़ा हिस्सा होता है. किस हद तक परिवार का हस्तक्षेप होगा, किस फैसले में कौन शामिल होगा इन बातों को शादी से पहले तय करना रिश्ते को सुरक्षित बनाता है. यह सही या गलत का सवाल नहीं, बल्कि आपसी सहमति का मामला है.

दोस्ती और पास्ट रिलेशनशिप पर ईमानदारी अगर किसी की लड़कों या लड़कियों से दोस्ती है, या पास्ट में कोई रिश्ता रहा है, तो उसे छुपाने से बेहतर है साफ बात करना. हर दोस्त बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड नहीं होता, लेकिन शक तब पैदा होता है जब बातें छुपाई जाती हैं.















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