‘SOP लेकर आओ वरना हम जारी कर देंगे’, करूर भगदड़ हादसे पर राज्य सरकार को मद्रास HC का सख्त निर्देश

Spread the love



करूर भगदड़ हादसे को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सोमवार (27 अक्टूबर, 2025) को सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अहम निर्देश दिया है. कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को 10 दिनों के अंदर एसओपी तैयार करने को कहा है ताकि राजनीतिक दल रैलियां या जनसभाएं आयोजित करते समय उसका ख्याल रखें.

कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी कहा है कि जनसभा आयोजित किए जाने से कुछ दिन पहले राजनीतिक दलों को अनुमति दी जानी चाहिए ताकि वे दिशा-निर्देशों के अनुसार संसाधन जुटा सकें. ये सब लोगों की सेफ्टी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जा रहा है. कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त लहजे में कहा है कि एसओपी लेकर आओ, वरना हम जारी कर देंगे.

कोर्ट ने कहा कि एसओपी के लिए मामले से जुड़े अन्य पक्ष भी अपने सुझाव दे सकते हैं. करूर टाउन पुलिस ने भगदड़ में हुई मौतों के बाद गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था. मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की बेंच ने मामले पर सुनवाई की. पिछले महीने करूर में एक आयोजन के दौरान भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे. इस घटना ने पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ा दी थी.

टीवीके महासचिव एन. आनंद ने दूसरी अग्रिम जमानत याचिका दायर की है. आनंद की पहली जमानत याचिका मदुरै बेंच के जस्टिस एम. जोतिरमन ने तीन अक्टूबर को दशहरा अवकाश के दौरान खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने 14 अक्टूबर को दूसरी याचिका दायर की, जिसमें करूर टाउन पुलिस को प्रतिवादी बनाया गया. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले ही जांच सीबीआई को सौंप दी थी, इसलिए याचिका अब चेन्नई स्थित मुख्य पीठ में स्थानांतरित कर दी गई है.

बेंच मदुरै पीठ वादी के. राजन की ओर से दायर एक रिट याचिका पर भी सुनवाई करेगी, जिसमें रैली के दौरान कथित चूक के लिए करूर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई थी. वह मामला भी चेन्नई स्थानांतरित कर दिया गया है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *